कौन आएगा किसको आना है
वक़्त मरहम है दर्द शाना है
जीतने की है शर्त और ज़िद भी
अब तो रिश्तों को हार जाना है
ले के फ़रियाद आए जिसके ख़िलाफ़
वो ही मुंसिफ़ है वो ही थाना है
भूल जाती हैं शक़्ल दीवारें
कितना मुश्किल ये घर चलाना है
दर-ब-दर फिर रहा हूँ ले के वफ़ा
मुझको दुश्मन किसे बनाना है
चाहिए सिर्फ़ एक अदद कंधा
हर किसी का कोई निशाना है
मौत सा'नी है ज़िन्दगी अव्वल
दोनों मिसरे में रब्त लाना है
वक़्त मरहम है दर्द शाना है
जीतने की है शर्त और ज़िद भी
अब तो रिश्तों को हार जाना है
ले के फ़रियाद आए जिसके ख़िलाफ़
वो ही मुंसिफ़ है वो ही थाना है
भूल जाती हैं शक़्ल दीवारें
कितना मुश्किल ये घर चलाना है
दर-ब-दर फिर रहा हूँ ले के वफ़ा
मुझको दुश्मन किसे बनाना है
चाहिए सिर्फ़ एक अदद कंधा
हर किसी का कोई निशाना है
मौत सा'नी है ज़िन्दगी अव्वल
दोनों मिसरे में रब्त लाना है
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